भारत का भौगोलिक एवं ऐतिहासिक विभाजन (Physical and Historical Division of India)

जब हम अपने देश के इतिहास का अध्ययन करते हैं, तो हमें अलग-अलग क्षेत्रों और राजवंशों के बारे में जानकारी मिलती है। कहीं उत्तर में शक्तिशाली साम्राज्य दिखाई देते हैं, तो कहीं दक्कन और दक्षिण में बड़े-बड़े राजवंशों का उदय होता है। ऐसे में यह समझना जरूरी हो जाता है कि हमारे प्राचीन भारत को … Read more

कण्व वंश लगभग (73 ई.पू. से 28 ई.पू. तक)

लगभग 73 ई.पू. में देवभूति की हत्या के पश्चात वसुदेव कण्व सिंहासन पर बैठा। इसी घटना के साथ कण्व वंश की शुरुआत हुई। इस बंश ने लगभग 45 साल तक शासन किया लेकिन इन सालों में भी इन्होंने कोई भी ऐसा काम नहीं किया जिससे इतिहास में कोई नाम हो सके। इस वंश के सभी … Read more

हेलियोडोरस स्तंभ

हेलियोडोरस स्तंभ शुंग काल का एक ऐतिहासिक स्तंभ है, जो लगभग 113 ईसा पूर्व (2nd century BCE) में बनवाया गया था। भोपाल से लगभग 55–60 किमी दूर बेतवा और बेश नदियों के पास मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में, बेसनगर नामक स्थान पर स्थित है। इसे– भी कहा जाता है। प्राचीन काल में विदिशा शुंगों … Read more

शुंग वंश (Shunga Dynasty)

शुंग वंश का इतिहास

शुंग वंश हमारे देश के इतिहास में एक ऐसा राजवंश था, जिसने मौर्य साम्राज्य के अंत के बाद मगध क्षेत्र में शासन संभालने का काम किया और लगभग 185 ईसा पूर्व से 73 ईसा पूर्व तक शासन किया।  इस वंश की स्थापना पुष्यमित्र शुंग ने की थी, जो मौर्य सम्राट बृहद्रथ मौर्य का सेनापति था। … Read more

सांची स्तूप (Sanchi Stupa): इतिहास, निर्माण, वास्तुकला और महत्व

Sanchi Stupa Madhya Pradesh history in Hindi

प्राचीन भारत की कला, वास्तुकला और धर्म की बात करते हैं, तो सांची स्तूप का नाम सबसे पहले आता है। यह केवल एक स्तूप नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की सांस्कृतिक विरासत और बौद्ध धर्म की महान परंपरा का प्रतीक है। सांची स्तूप क्या है? सांची स्तूप भारत के सबसे महत्वपूर्ण बौद्ध स्मारकों में … Read more

नंद वंश का पूरा इतिहास (345–321 BC): महापद्म नंद से धनानंद तक

नंद वंश का इतिहास महापद्म नंद से धनानंद तक

आज हम इतिहास के इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए नंद वंश को समझेंगे।  हमने पिछले ब्लॉग में शिशुनाग वंश को विस्तार से समझा है। उसके अंतिम शासक के पतन के बाद महापद्म नंद ने सत्ता संभाली और नंद वंश की शुरुआत हुई। read more महापद्म नंद ने नागदशक को कैसे और क्यों हटाया इतिहासकारों … Read more