मीमांसा दर्शन (पूर्व मीमांसा) – महर्षि जैमिनि, सिद्धांत, ग्रंथ और ऐतिहासिक महत्व

ARYA HISTORY

‘मीमांसा’ शब्द संस्कृत धातु ‘मन्’ (सोचना या विचार करना) से बना है, इसका शाब्दिक अर्थ है—गहन विचार, परीक्षण, विवेचना या किसी विषय की तर्कपूर्ण जाँच करना।  प्राचीन भारत में जब वैदिक यज्ञों और कर्मकाण्डों का स्वरूप अधिक विस्तृत एवं जटिल हो गया, तब उनके सही अर्थ, विधि-विधान और महत्व को स्पष्ट करने की आवश्यकता महसूस … Read more

गाथा सप्तशती का इतिहास, रचयिता, भाषा–

गाथा सप्तशती – सातवाहन काल का प्रसिद्ध प्राकृत साहित्यिक ग्रंथ

गाथा सप्तशती (Gatha Saptashati) –  गाथा सप्तशती अपने प्राचीन भारतीय साहित्य की एक अत्यंत महत्वपूर्ण काव्य-कृति है, ‘गाथा’ का अर्थ पद्य या कविता तथा ‘सप्तशती’ का अर्थ 700 होता है, इसलिए इस कृति का नाम गाथा सप्तशती पड़ा है।  यह ग्रंथ केवल प्रेम और श्रृंगार का काव्य-संग्रह नहीं है, बल्कि सातवाहन काल के समाज, संस्कृति … Read more