मालविकाग्निमित्रम्

मालविकाग्निमित्रम् का इतिहास

मालविकाग्निमित्रम् का इतिहास  मालविकाग्निमित्रम् (Malavikāgnimitram) संस्कृत साहित्य का एक प्रसिद्ध नाटक है, जिसकी रचना महान कवि कालिदास जी ने लगभग 390 ई. से 450 ई. के बीच की थी। यह उनका सबसे प्राचीन नाटक माना जाता है। यह नाटक केवल प्रेमकथा नहीं है, बल्कि इसमें इतिहास की झलक भी मिलती है। कालिदास जी ने इस … Read more

हेलियोडोरस स्तंभ

हेलियोडोरस स्तंभ शुंग काल का एक ऐतिहासिक स्तंभ है, जो लगभग 113 ईसा पूर्व (2nd century BCE) में बनवाया गया था। भोपाल से लगभग 55–60 किमी दूर बेतवा और बेश नदियों के पास मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में, बेसनगर नामक स्थान पर स्थित है। इसे– भी कहा जाता है। प्राचीन काल में विदिशा शुंगों … Read more

शुंग वंश (Shunga Dynasty)

शुंग वंश का इतिहास

शुंग वंश हमारे देश के इतिहास में एक ऐसा राजवंश था, जिसने मौर्य साम्राज्य के अंत के बाद मगध क्षेत्र में शासन संभालने का काम किया और लगभग 185 ईसा पूर्व से 73 ईसा पूर्व तक शासन किया।  इस वंश की स्थापना पुष्यमित्र शुंग ने की थी, जो मौर्य सम्राट बृहद्रथ मौर्य का सेनापति था। … Read more

सांची स्तूप (Sanchi Stupa): इतिहास, निर्माण, वास्तुकला और महत्व

Sanchi Stupa Madhya Pradesh history in Hindi

प्राचीन भारत की कला, वास्तुकला और धर्म की बात करते हैं, तो सांची स्तूप का नाम सबसे पहले आता है। यह केवल एक स्तूप नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की सांस्कृतिक विरासत और बौद्ध धर्म की महान परंपरा का प्रतीक है। सांची स्तूप क्या है? सांची स्तूप भारत के सबसे महत्वपूर्ण बौद्ध स्मारकों में … Read more