प्राचीन भारतीय इतिहास : एक संक्षिप्त लेकिन सम्पूर्ण परिचय

प्राचीन भारतीय इतिहास का दृश्य जिसमें सिंधु घाटी, अशोक स्तंभ और वैदिक संस्कृति के प्रतीक दिखाए गए हैं।

प्राचीन भारतीय इतिहास भारत की समृद्ध सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत और राजनीतिक उत्थान-पतन की एक गाथा है। इस लेख में हड़प्पा, वैदिक काल, महाजनपद, मौर्य और गुप्त साम्राज्य से लेकर हर्षवर्धन तक की संक्षिप्त लेकिन सम्पूर्ण जानकारी दी गई है।

योग दर्शन का इतिहास: वैदिक काल से पतंजलि योगसूत्र तक

नमस्कार दोस्तों, आज हम अपने इस ब्लॉग में योग दर्शन के इतिहास को विस्तार से समझने वाले हैं। हमने अपने पुराने blog में सभी भारतीय दर्शन के बारे में थोड़ी चर्चा की थी, और आज उसी क्रम में हम जानेंगे कि योग शब्द की शुरुआत कहाँ से हुई? वैदिक काल में इसका क्या स्वरूप था? … Read more

गुप्त साम्राज्य का इतिहास | Gupta Dynasty, Rulers & Administration

नमस्कार दोस्तों, आज हम अपने इस ब्लॉग में गुप्त साम्राज्य के बारे में पढने वाले हैं इसके पहले हमने मौर्य वंश के 9 शासक | SSC Railway Notes अच्छे से पढा है आशा करता हूँ वह blog आप सभी को पसंद आया होगा। तो दोस्तों गुप्त साम्राज्य को इतिहास में अक्सर बहुत ही खास माना … Read more

प्राचीन भारतीय कैलेंडर, BC/AD, और शताब्दी

इतिहास की समयरेखा जिसमें B.C., A.D., ग्रेगोरियन कैलेंडर और भारतीय पंचांग के माध्यम से मानव विकास को दर्शाया गया है।

तो मान लो 2025 एक data है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि सब कुछ यहीं से शुरू हुआ। इसके पीछे भी काफी  चीजें हुई है जो हमारे इतिहास का हिस्सा है। इन सभी चीजों को हम कालक्रम के माध्यम से ही समझ सकते हैं।

Maurya Empire History

मौर्य वंश के 9 शासक – मौर्य साम्राज्य का इतिहास

Namaste दोस्तों, सिंधु घाटी सभ्यता (RRB NTPC / SSC / State Exams के लिए) आज हम सभी मौर्य साम्राज्य(मौर्य वंश)बारे में पढने वाले हैं क्या आपको पता है “मौर्य साम्राज्य प्राचीन भारत का पहला विशाल और संगठित साम्राज्य माना जाता है।” comptative exams की बात करें तो ये chapters बहुत ही महत्वपूर्ण है रेलवे, SSC, … Read more

वैदिक काल FAQs

नमस्कार दोस्तों इसके पहले हमने सिंधु घाटी सभ्यता के बारे में अच्छे से जाना था और आज हम जानने वाले है वैदिक काल के बारे में, वैसे जब बात RRB, SSC या अन्य competitive exams की हो, तो फैक्ट-आधारित तैयारी सबसे तेज़ और असरदार रहती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए, हमने यहाँ … Read more

सिंधु घाटी सभ्यता (RRB NTPC / SSC / State Exams के लिए)

सिंधु घाटी सभ्यता का चित्र जिसमें पुरातात्विक अवशेष, मोहनजोदड़ो, हड़प्पा मूर्ति और बैल की मोहर दिखाई गई है

सिंधु घाटी सभ्यता भारतीय इतिहास की सबसे विकसित प्राचीन सभ्यताओं में से एक थी। हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, धोलावीरा, लोथल जैसे प्रमुख स्थलों से नगर व्यवस्था, कृषि, व्यापार, लिपि और संस्कृति के अद्भुत प्रमाण मिलते हैं। यह लेख RRB NTPC, Group-D और अन्य परीक्षाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण तथ्य और बार-बार पूछे गए प्रश्न सरल भाषा में समझाता है।

सांख्य दर्शन (Sankhya Darshan) – कपिल मुनि, प्रकृति–पुरुष सिद्धांत, त्रिगुण और मोक्ष | UPSC व छात्रों के लिए सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

सांख्य दर्शन – कपिल मुनि और प्रकृति–पुरुष सिद्धांत

दोस्तों, हमारी पिछली ब्लॉग में हमने न्याय दर्शन और वैशेषिक दर्शन को समझा था। अब उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए आज हम बात करेंगे सांख्य दर्शन की। यह भारतीय दर्शन की सबसे पुरानी और सबसे तार्किक परंपराओं में से एक है। सांख्य दर्शन किन सवालों का जवाब देता है? सांख्य दर्शन की सबसे बड़ी … Read more

वैशेषिक दर्शन– Atomic Theory

कणाद ऋषि द्वारा प्रतिपादित वैशेषिक दर्शन और परमाणुवाद सिद्धांत

वैशेषिक दर्शन भारतीय षड्दर्शन का एक प्रमुख भाग है, जिसे कणाद ऋषि ने प्रतिपादित किया। यह दर्शन “परमाणुवाद” के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें कहा गया है कि पूरी सृष्टि सूक्ष्म और अविभाज्य परमाणुओं से बनी है। वैशेषिक दर्शन न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखता है बल्कि तर्क और यथार्थ पर आधारित विचार प्रस्तुत करता है। इस ब्लॉग में हमने इसके मूल सिद्धांत, कणाद ऋषि के विचार और आधुनिक विज्ञान से इसकी समानता को विस्तार से समझा है।

न्याय दर्शन – गौतम ऋषि का तर्क आधारित भारतीय दर्शन

न्याय दर्शन – गौतम ऋषि द्वारा प्रतिपादित भारतीय तर्कशास्त्र

न्याय दर्शन भारतीय दर्शन की एक प्रमुख शाखा है जिसकी रचना गौतम ऋषि ने की थी। इसमें प्रमाण, संदेह, प्रयोजन, दृष्टांत, तर्क, सिद्धांत जैसे 16 पदार्थों के माध्यम से सत्य तक पहुँचने का मार्ग बताया गया है। UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह दर्शन महत्वपूर्ण विषय है क्योंकि यह तर्क, विवेक और ज्ञान की वैज्ञानिक परंपरा को समझने में मदद करता है।

🕉️ भारतीय दर्शन का सम्पूर्ण वर्गीकरण (सभी शाखाओं सहित)

भारतीय दर्शन की परंपरा में षड्दर्शन यानी छह आस्तिक दर्शन – न्याय, वैशेषिक, सांख्य, योग, पूर्व मीमांसा और उत्तर मीमांसा (वेदांत) – का बहुत बड़ा योगदान रहा है। ये दर्शन हमें सत्य, आत्मा, प्रकृति और मोक्ष की गहराई से पहचान कराते हैं। इस ब्लॉग में हमने इन्हें सरल और मानवीय भाषा में समझाया है।