शिलालेख | Inscriptions in Ancient India

भारतीय शिलालेख – Ancient Indian Inscriptions

हमने अपने पिछले blogs में सिक्के और ताम्रपत्र के बारे में विस्तार से बात की थी। अब बारी है एक और बेहद महत्वपूर्ण स्रोत की –शिलालेख।आपको यह तो पता होगा कि जब भी इतिहास पर चर्चा होती है, तो हमारे दिमाग में यह सवाल जरूर आता है कि आखिर इतिहासकारों को इतनी पुरानी घटनाओं की … Read more

ताम्रपत्र का इतिहास महत्व और उदाहरण

हमारे पूर्वजों के जीवन, उनकी नीतियों, उनके शासन, उनके समाज के बारे में हम आज कैसे जान पाते हैं?हमने अपने पुराने blog (इतिहास के स्रोत) में ही बताया है कि हमारे इतिहास को समझने के लिए कई स्रोत हैं—जैसे ताम्रपत्र, शिलालेख, साहित्य, सिक्के, etc। लेकिन आज हम एक ऐसे स्रोत के बारे में बात करेंगे, … Read more

प्राचीन भारतीय सिक्के(इतिहास की धातु में गढ़ी कहानियाँ)

प्राचीन भारतीय सिक्के - इतिहास, प्रकार और महत्व

प्राचीन भारतीय सिक्के: मौर्य, गुप्त और हिन्द-यवन से लेकर कुषाण तक — प्रकार, प्रतीक और उनसे मिली ऐतिहासिक जानकारी संक्षेप में जानें। और पढ़ें।

पुरातात्विक और साहित्यिक साक्ष्य

इतिहास के स्रोत - पुरातात्विक और साहित्यिक साक्ष्य | UPSC ब्लॉग

कभी आपने सोचा है कि हमें हमारे इतिहास के बारे में जानकारी मिली कैसे? आज जो कुछ भी हम इतिहास के स्रोत के बारे में पढ़ते हैं, उसकी जानकारी हमें कैसे मिली? सिंधु घाटी सभ्यता, वैदिक काल, गुप्त काल, मौर्य काल आदि की जानकारी हमारे इतिहासकारों को कैसे मिली? ये सब जानना हमारे लिए बेहद … Read more

प्राचीन भारतीय इतिहास के लेखक

इस लेख में हम जानेंगे कि प्राचीन भारत के इतिहास को आधुनिक दृष्टिकोण से किसने लिखा और उन्होंने भारत की विरासत को कैसे दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।

प्राचीन भारतीय इतिहास : प्रागैतिहासिक, आद्य ऐतिहासिक, ऐतिहासिक काल

प्राचीन भारतीय इतिहास के तीन काल – प्रागैतिहासिक, आद्य ऐतिहासिक और ऐतिहासिक का चित्रात्मक दृश्य

भारत का इतिहास सिर्फ घटनाओं का संकलन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान की नींव है। इस लेख में जानिए प्राचीन भारत के तीन ऐतिहासिक कालों का परिचय और उनका महत्व।