प्राचीन भारतीय इतिहास के लेखक तथा उनकी प्रमुख कृतियाँ प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण विषय हैं। इतिहासकारों के विचार, उनकी पुस्तकों और इतिहासलेखन की विभिन्न धाराओं से संबंधित प्रश्न अक्सर UPSC, PCS, SSC तथा अन्य परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। इस लेख में दिए गए 50 महत्वपूर्ण MCQ आपकी तैयारी को मजबूत बनाने में सहायता करेंगे।
Contents
प्राचीन भारतीय इतिहास के लेखक MCQ (1–10)
प्रश्न 1. ‘Early History of India’ पुस्तक के लेखक कौन थे?
A. डी. डी. कौसंबी
B. ए. एल. बाशम
C. विंसेट आर्थर स्मिथ
D. आर. सी. मजूमदार
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. विंसेट आर्थर स्मिथ
व्याख्या: विंसेट आर्थर स्मिथ ने 1904 ई. में ‘Early History of India’ की रचना की। यह प्राचीन भारत के इतिहास पर औपनिवेशिक दृष्टिकोण से लिखी गई प्रसिद्ध पुस्तक है।
प्रश्न 2. भारतीय गणराज्यों के अस्तित्व को प्रमाणित करने का श्रेय किस इतिहासकार को दिया जाता है?
A. के. पी. जायसवाल
B. आर. जी. भंडारकर
C. राजेन्द्र लाल मित्र
D. हेमचंद्र राय चौधरी
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. के. पी. जायसवाल
व्याख्या: के. पी. जायसवाल ने अपने शोध के माध्यम से सिद्ध किया कि प्राचीन भारत में गणराज्य भी विद्यमान थे और शासन केवल राजतंत्र तक सीमित नहीं था।
प्रश्न 3. ‘The Wonder That Was India’ पुस्तक किसने लिखी थी?
A. डी. डी. कौसंबी
B. ए. एल. बाशम
C. आर. सी. मजूमदार
D. के. ए. नीलकंठ शास्त्री
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. ए. एल. बाशम
व्याख्या: ए. एल. बाशम की ‘The Wonder That Was India’ प्राचीन भारतीय संस्कृति और सभ्यता पर आधारित एक प्रसिद्ध कृति है।
प्रश्न 4. ‘History of Dharmasastra’ ग्रंथ के लेखक कौन हैं?
A. पांडुरंग वामन काणे
B. आर. सी. मजूमदार
C. डी. आर. भंडारकर
D. के. पी. जायसवाल
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. पांडुरंग वामन काणे
व्याख्या: ‘History of Dharmasastra’ पांडुरंग वामन काणे की प्रसिद्ध कृति है, जो प्राचीन भारतीय धर्म, समाज और विधि व्यवस्था के अध्ययन का महत्वपूर्ण स्रोत है।
प्रश्न 5. ‘History of South India’ पुस्तक किस इतिहासकार द्वारा लिखी गई थी?
A. ए. एल. बाशम
B. के. ए. नीलकंठ शास्त्री
C. डी. डी. कौसंबी
D. राजेन्द्र लाल मित्र
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. के. ए. नीलकंठ शास्त्री
व्याख्या: के. ए. नीलकंठ शास्त्री दक्षिण भारत के इतिहास के महान विद्वान थे। उनकी ‘History of South India’ इस विषय की मानक पुस्तक मानी जाती है।
प्रश्न 6. ‘An Introduction to the Study of Indian History’ पुस्तक किस इतिहासकार ने लिखी थी?
A. डी. डी. कौसंबी
B. ए. एल. बाशम
C. आर. सी. मजूमदार
D. के. पी. जायसवाल
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. डी. डी. कौसंबी
व्याख्या: डी. डी. कौसंबी ने ‘An Introduction to the Study of Indian History’ लिखी। उन्होंने इतिहास के अध्ययन में आर्थिक, सामाजिक तथा भौतिक परिस्थितियों को विशेष महत्व दिया।
प्रश्न 7. निम्नलिखित में से किस इतिहासकार ने सातवाहन वंश पर महत्वपूर्ण शोध किया?
A. ए. एल. बाशम
B. रामकृष्ण गोपाल भंडारकर
C. के. पी. जायसवाल
D. डी. डी. कौसंबी
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. रामकृष्ण गोपाल भंडारकर
व्याख्या: रामकृष्ण गोपाल भंडारकर ने सातवाहन वंश, वैष्णव धर्म तथा भारतीय सामाजिक संस्थाओं पर महत्वपूर्ण शोध कार्य किया।
प्रश्न 8. 22 खंडों में मराठा और संस्कृत पांडुलिपियों का प्रकाशन किस विद्वान ने किया?
A. पांडुरंग वामन काणे
B. राजेन्द्र लाल मित्र
C. विश्वनाथ काशीनाथ राजवाड़े
D. हेमचंद्र राय चौधरी
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. विश्वनाथ काशीनाथ राजवाड़े
व्याख्या: विश्वनाथ काशीनाथ राजवाड़े ने मराठा एवं संस्कृत पांडुलिपियों का विशाल संग्रह प्रकाशित किया, जो भारतीय इतिहास के अध्ययन का महत्वपूर्ण स्रोत है।
प्रश्न 9. अशोक तथा प्राचीन भारत की राजनीतिक संस्थाओं पर महत्वपूर्ण कार्य किसने किया?
A. डी. आर. भंडारकर
B. आर. सी. मजूमदार
C. ए. एल. बाशम
D. के. ए. नीलकंठ शास्त्री
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. डी. आर. भंडारकर
व्याख्या: देवदत्त रामकृष्ण भंडारकर ने अशोक, मौर्यकाल तथा प्राचीन भारत की राजनीतिक संस्थाओं के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रश्न 10. महाभारत काल से लेकर गुप्त वंश तक के इतिहास के पुनर्लेखन का श्रेय किसे दिया जाता है?
A. के. पी. जायसवाल
B. हेमचंद्र राय चौधरी
C. राजेन्द्र लाल मित्र
D. डी. डी. कौसंबी
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. हेमचंद्र राय चौधरी
व्याख्या: हेमचंद्र राय चौधरी ने महाभारत काल से गुप्त काल तक के राजनीतिक इतिहास का पुनर्लेखन किया और अनेक ऐतिहासिक तथ्यों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया।
राष्ट्रवादी एवं औपनिवेशिक इतिहासकार MCQ (11–20)
प्रश्न 11. निम्नलिखित में से किस इतिहासकार ने वैदिक ग्रंथों के प्रकाशन में महत्वपूर्ण योगदान दिया?
A. राजेन्द्र लाल मित्र
B. डी. डी. कौसंबी
C. ए. एल. बाशम
D. के. ए. नीलकंठ शास्त्री
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. राजेन्द्र लाल मित्र
व्याख्या: राजेन्द्र लाल मित्र ने अनेक वैदिक ग्रंथों का संपादन एवं प्रकाशन किया तथा प्राचीन भारतीय इतिहास के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रश्न 12. निम्नलिखित में से कौन-सा इतिहासकार राष्ट्रवादी इतिहासलेखन से संबंधित माना जाता है?
A. विंसेट आर्थर स्मिथ
B. जेम्स मिल
C. के. पी. जायसवाल
D. इलियट
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. के. पी. जायसवाल
व्याख्या: के. पी. जायसवाल राष्ट्रवादी इतिहासकारों में प्रमुख थे। उन्होंने भारतीय राजनीतिक संस्थाओं और गणराज्यों की परंपरा को उजागर किया।
प्रश्न 13. औपनिवेशिक इतिहासकारों के अनुसार भारत की सबसे बड़ी कमजोरी क्या बताई गई?
A. कृषि व्यवस्था
B. राष्ट्रीय भावना का अभाव
C. व्यापारिक गतिविधियाँ
D. समुद्री शक्ति
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. राष्ट्रीय भावना का अभाव
व्याख्या: औपनिवेशिक इतिहासकारों ने यह तर्क दिया कि भारतीयों में राष्ट्रीय भावना का अभाव था और वे स्वशासन के योग्य नहीं थे।
प्रश्न 14. निम्नलिखित में से किस इतिहासकार ने इतिहास के अध्ययन में वर्ग संघर्ष और उत्पादन व्यवस्था पर बल दिया?
A. आर. सी. मजूमदार
B. डी. डी. कौसंबी
C. के. ए. नीलकंठ शास्त्री
D. डी. आर. भंडारकर
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. डी. डी. कौसंबी
व्याख्या: डी. डी. कौसंबी ने इतिहास के अध्ययन में आर्थिक संरचना, उत्पादन व्यवस्था, जनजातियों तथा वर्ग संबंधों को विशेष महत्व दिया।
प्रश्न 15. राष्ट्रवादी इतिहासकारों का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A. ब्रिटिश शासन का समर्थन करना
B. केवल धार्मिक इतिहास लिखना
C. भारतीय इतिहास का तथ्यों के आधार पर पुनर्मूल्यांकन करना
D. विदेशी इतिहास का अनुवाद करना
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. भारतीय इतिहास का तथ्यों के आधार पर पुनर्मूल्यांकन करना
व्याख्या: राष्ट्रवादी इतिहासकारों ने औपनिवेशिक इतिहासलेखन की कमियों को चुनौती दी और भारतीय इतिहास को अधिक संतुलित एवं तथ्यपरक रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया।
प्रश्न 16. ‘History and Culture of the Indian People’ नामक बहुखंडी ग्रंथ के प्रधान संपादक कौन थे?
A. डी. डी. कौसंबी
B. आर. सी. मजूमदार
C. के. ए. नीलकंठ शास्त्री
D. ए. एल. बाशम
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. आर. सी. मजूमदार
व्याख्या: आर. सी. मजूमदार भारतीय इतिहास के प्रसिद्ध इतिहासकार थे। उनके संपादन में ‘History and Culture of the Indian People’ का प्रकाशन हुआ।
प्रश्न 17. निम्नलिखित में से किस इतिहासकार ने भारतीय विवाह संस्था के विकास का अध्ययन किया?
A. विश्वनाथ काशीनाथ राजवाड़े
B. डी. आर. भंडारकर
C. ए. एल. बाशम
D. के. पी. जायसवाल
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. विश्वनाथ काशीनाथ राजवाड़े
व्याख्या: राजवाड़े ने भारतीय विवाह संस्था के ऐतिहासिक विकास पर महत्वपूर्ण शोध किया और अनेक मूल स्रोतों का प्रकाशन किया।
प्रश्न 18. राजनीतिक इतिहास से आगे बढ़कर सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास पर बल देने वाले इतिहासकारों में कौन प्रमुख था?
A. विंसेट आर्थर स्मिथ
B. ए. एल. बाशम
C. जेम्स मिल
D. इलियट
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. ए. एल. बाशम
व्याख्या: ए. एल. बाशम ने भारतीय संस्कृति, समाज और सभ्यता के विभिन्न पहलुओं को महत्व दिया तथा इतिहासलेखन को व्यापक दृष्टिकोण प्रदान किया।
प्रश्न 19. औपनिवेशिक इतिहासकार सिकंदर के आक्रमण को अत्यधिक महत्व क्यों देते थे?
A. क्योंकि वह भारत का पहला शासक था
B. क्योंकि वह वैदिक संस्कृति का समर्थक था
C. क्योंकि वे भारतीय इतिहास को विदेशी प्रभावों से जोड़कर प्रस्तुत करना चाहते थे
D. क्योंकि उसने सम्पूर्ण भारत पर शासन किया था
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. क्योंकि वे भारतीय इतिहास को विदेशी प्रभावों से जोड़कर प्रस्तुत करना चाहते थे
व्याख्या: औपनिवेशिक इतिहासकारों ने सिकंदर के आक्रमण को विशेष महत्व दिया और भारतीय इतिहास में विदेशी प्रभावों को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया।
प्रश्न 20. आधुनिक इतिहासलेखन में निम्नलिखित में से किसे विशेष महत्व दिया जाता है?
A. केवल राजाओं की वंशावली को
B. केवल युद्धों और विजयों को
C. सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रक्रियाओं को
D. केवल धार्मिक ग्रंथों को
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रक्रियाओं को
व्याख्या: आधुनिक इतिहासलेखन में समाज, अर्थव्यवस्था, संस्कृति, पुरातत्व तथा अन्य स्रोतों को मिलाकर अतीत का अध्ययन किया जाता है।
इतिहासकार एवं उनकी कृतियाँ MCQ (21–30)
प्रश्न 21. निम्नलिखित में से किस इतिहासकार ने यह प्रतिपादित किया कि इतिहास के अध्ययन में पुरातात्विक, साहित्यिक और नृविज्ञान संबंधी साक्ष्यों का संयुक्त उपयोग होना चाहिए?
A. डी. डी. कौसंबी
B. जेम्स मिल
C. विंसेट आर्थर स्मिथ
D. इलियट
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. डी. डी. कौसंबी
व्याख्या: डी. डी. कौसंबी ने इतिहास लेखन में बहुविषयी दृष्टिकोण अपनाया और पुरातत्व, साहित्य तथा नृविज्ञान के संयुक्त अध्ययन पर बल दिया।
प्रश्न 22. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन राष्ट्रवादी इतिहासकारों के संबंध में सही है?
A. उन्होंने ब्रिटिश शासन को उचित ठहराया
B. उन्होंने भारतीय इतिहास को हीन सिद्ध करने का प्रयास किया
C. उन्होंने भारतीय इतिहास का पुनर्मूल्यांकन किया
D. उन्होंने केवल विदेशी स्रोतों पर भरोसा किया
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. उन्होंने भारतीय इतिहास का पुनर्मूल्यांकन किया
व्याख्या: राष्ट्रवादी इतिहासकारों ने औपनिवेशिक इतिहासलेखन को चुनौती देते हुए भारतीय इतिहास को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया।
प्रश्न 23. निम्नलिखित में से किस इतिहासकार का संबंध दक्षिण भारतीय इतिहास के गहन अध्ययन से है?
A. आर. सी. मजूमदार
B. के. ए. नीलकंठ शास्त्री
C. डी. आर. भंडारकर
D. हेमचंद्र राय चौधरी
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. के. ए. नीलकंठ शास्त्री
व्याख्या: के. ए. नीलकंठ शास्त्री ने दक्षिण भारत के इतिहास को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया और इस क्षेत्र के इतिहास लेखन को नई दिशा दी।
प्रश्न 24. औपनिवेशिक इतिहासकारों द्वारा भारतीय समाज की किस विशेषता को अत्यधिक कठोर और विभाजनकारी बताया गया?
A. ग्राम व्यवस्था
B. संयुक्त परिवार
C. जाति व्यवस्था
D. व्यापारिक संगठन
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. जाति व्यवस्था
व्याख्या: औपनिवेशिक इतिहासकारों ने भारतीय जाति व्यवस्था को अत्यधिक कठोर और सामाजिक विभाजन का प्रमुख कारण बताया।
प्रश्न 25. निम्नलिखित में से किस इतिहासकार ने अशोक के शासन और प्राचीन भारतीय राजनीतिक संस्थाओं के अध्ययन में योगदान दिया?
A. डी. आर. भंडारकर
B. ए. एल. बाशम
C. राजेन्द्र लाल मित्र
D. विश्वनाथ काशीनाथ राजवाड़े
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. डी. आर. भंडारकर
व्याख्या: देवदत्त रामकृष्ण भंडारकर ने अशोक, मौर्य प्रशासन तथा प्राचीन भारतीय राजनीतिक संस्थाओं के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रश्न 26. निम्नलिखित में से किस इतिहासकार ने यह दिखाने का प्रयास किया कि भारतीय समाज यूरोपीय समाज से पूर्णतः भिन्न नहीं था?
A. राजेन्द्र लाल मित्र
B. डी. डी. कौसंबी
C. के. पी. जायसवाल
D. आर. सी. मजूमदार
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. राजेन्द्र लाल मित्र
व्याख्या: राजेन्द्र लाल मित्र ने अपने अध्ययनों में यह दिखाने का प्रयास किया कि भारतीय सामाजिक संरचनाएँ यूरोप की व्यवस्थाओं से पूरी तरह अलग नहीं थीं।
प्रश्न 27. इतिहासलेखन की मार्क्सवादी पद्धति मुख्य रूप से किस पर बल देती है?
A. धार्मिक अनुष्ठानों पर
B. राजाओं की उपलब्धियों पर
C. आर्थिक एवं सामाजिक संरचनाओं पर
D. केवल युद्धों पर
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. आर्थिक एवं सामाजिक संरचनाओं पर
व्याख्या: मार्क्सवादी इतिहासकार समाज की आर्थिक व्यवस्था, उत्पादन संबंधों और वर्गीय संरचनाओं को इतिहास की प्रमुख प्रेरक शक्ति मानते हैं।
प्रश्न 28. निम्नलिखित में से कौन-सा इतिहासकार प्राचीन भारत के सामाजिक नियमों और धर्मशास्त्रों के अध्ययन के लिए विशेष रूप से जाना जाता है?
A. पांडुरंग वामन काणे
B. डी. आर. भंडारकर
C. हेमचंद्र राय चौधरी
D. ए. एल. बाशम
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. पांडुरंग वामन काणे
व्याख्या: पांडुरंग वामन काणे ने धर्मशास्त्रों और सामाजिक नियमों का विस्तृत अध्ययन किया, जो प्राचीन भारतीय समाज को समझने में अत्यंत उपयोगी है।
प्रश्न 29. इतिहास के अध्ययन में ‘वस्तुनिष्ठ दृष्टिकोण’ का अर्थ क्या है?
A. केवल राष्ट्रीय गौरव पर बल देना
B. केवल विदेशी लेखकों की बात मानना
C. तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर निष्कर्ष निकालना
D. केवल धार्मिक ग्रंथों को स्वीकार करना
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर निष्कर्ष निकालना
व्याख्या: वस्तुनिष्ठ इतिहासलेखन में व्यक्तिगत पूर्वाग्रहों से बचते हुए उपलब्ध साक्ष्यों और प्रमाणों के आधार पर निष्कर्ष निकाले जाते हैं।
प्रश्न 30. निम्नलिखित में से कौन-सा इतिहासलेखन का अपेक्षाकृत नवीन रुझान माना जाता है?
A. केवल राजनीतिक घटनाओं का अध्ययन
B. केवल राजवंशों का अध्ययन
C. सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रक्रियाओं का समन्वित अध्ययन
D. केवल शासकों की जीवनी लिखना
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रक्रियाओं का समन्वित अध्ययन
व्याख्या: आधुनिक इतिहासलेखन में समाज, अर्थव्यवस्था, संस्कृति, पुरातत्व और अन्य स्रोतों को जोड़कर अतीत का समग्र अध्ययन किया जाता है।
इतिहासलेखन (Historiography) MCQ (31–40)
प्रश्न 31. निम्नलिखित में से कौन-सा इतिहासकार औपनिवेशिक इतिहासलेखन का प्रतिनिधि माना जाता है?
A. के. पी. जायसवाल
B. डी. डी. कौसंबी
C. विंसेट आर्थर स्मिथ
D. आर. जी. भंडारकर
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. विंसेट आर्थर स्मिथ
व्याख्या: विंसेट आर्थर स्मिथ ब्रिटिश इतिहासकार थे। उनके लेखन में औपनिवेशिक दृष्टिकोण की स्पष्ट झलक मिलती है।
प्रश्न 32. निम्नलिखित में से किस इतिहासकार ने वैष्णव धर्म के अध्ययन में विशेष योगदान दिया?
A. रामकृष्ण गोपाल भंडारकर
B. ए. एल. बाशम
C. आर. सी. मजूमदार
D. हेमचंद्र राय चौधरी
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. रामकृष्ण गोपाल भंडारकर
व्याख्या: आर. जी. भंडारकर ने वैष्णव धर्म, सातवाहन इतिहास तथा भारतीय सामाजिक संस्थाओं पर महत्वपूर्ण शोध कार्य किया।
प्रश्न 33. निम्नलिखित में से कौन-सा इतिहासकार प्राचीन भारत के राजनीतिक इतिहास के पुनर्निर्माण के लिए प्रसिद्ध है?
A. हेमचंद्र राय चौधरी
B. पांडुरंग वामन काणे
C. राजेन्द्र लाल मित्र
D. विश्वनाथ काशीनाथ राजवाड़े
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. हेमचंद्र राय चौधरी
व्याख्या: हेमचंद्र राय चौधरी ने महाभारत काल से गुप्तकाल तक के राजनीतिक इतिहास के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रश्न 34. आधुनिक इतिहासकार प्राचीन ग्रंथों का अध्ययन करते समय किस पद्धति को अपनाते हैं?
A. केवल धार्मिक दृष्टिकोण
B. केवल पारंपरिक व्याख्या
C. आंतरिक विश्लेषण एवं अन्य साक्ष्यों से तुलना
D. केवल विदेशी विवरणों पर निर्भरता
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. आंतरिक विश्लेषण एवं अन्य साक्ष्यों से तुलना
व्याख्या: आधुनिक इतिहासलेखन में ग्रंथों का आलोचनात्मक अध्ययन किया जाता है तथा उनकी तुलना पुरातात्विक और अन्य स्रोतों से की जाती है।
प्रश्न 35. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन औपनिवेशिक इतिहासकारों की सोच को दर्शाता है?
A. भारत में गणराज्य परंपरा मौजूद थी
B. भारतीय समाज में स्वशासन की क्षमता थी
C. भारत को एक मजबूत विदेशी शासन की आवश्यकता थी
D. भारतीय संस्कृति विश्व की प्राचीनतम संस्कृतियों में से एक है
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. भारत को एक मजबूत विदेशी शासन की आवश्यकता थी
व्याख्या: कई औपनिवेशिक इतिहासकारों ने यह तर्क दिया कि भारतीय समाज स्वशासन के लिए उपयुक्त नहीं था और उसे विदेशी शासन की आवश्यकता थी।
प्रश्न 36. निम्नलिखित में से किस इतिहासकार ने प्राचीन भारतीय इतिहास के अध्ययन में जनजातियों की भूमिका पर विशेष बल दिया?
A. डी. डी. कौसंबी
B. विंसेट आर्थर स्मिथ
C. आर. जी. भंडारकर
D. हेमचंद्र राय चौधरी
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. डी. डी. कौसंबी
व्याख्या: डी. डी. कौसंबी ने इतिहास के अध्ययन में जनजातीय समाज, आर्थिक संरचना और सामाजिक परिवर्तन को महत्वपूर्ण माना।
प्रश्न 37. निम्नलिखित में से कौन-सा इतिहासकार भारतीय इतिहास के पुनर्जागरणवादी दृष्टिकोण से जुड़ा माना जाता है?
A. आर. सी. मजूमदार
B. विंसेट आर्थर स्मिथ
C. जेम्स मिल
D. इलियट
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. आर. सी. मजूमदार
व्याख्या: आर. सी. मजूमदार के लेखन में भारतीय संस्कृति और सभ्यता के गौरवपूर्ण पक्षों पर विशेष बल दिखाई देता है।
प्रश्न 38. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
A. ए. एल. बाशम — Early History of India
B. डी. डी. कौसंबी — History of South India
C. के. पी. जायसवाल — प्राचीन भारतीय गणराज्यों का अध्ययन
D. के. ए. नीलकंठ शास्त्री — The Wonder That Was India
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. के. पी. जायसवाल — प्राचीन भारतीय गणराज्यों का अध्ययन
व्याख्या: के. पी. जायसवाल ने प्राचीन भारतीय गणराज्यों और राजनीतिक संस्थाओं पर महत्वपूर्ण शोध किया था।
प्रश्न 39. इतिहासलेखन में ‘औपनिवेशिक दृष्टिकोण’ की प्रमुख विशेषता क्या थी?
A. भारतीय उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करना
B. भारतीय समाज को पिछड़ा और अक्षम सिद्ध करना
C. केवल आर्थिक इतिहास का अध्ययन करना
D. केवल सांस्कृतिक इतिहास पर बल देना
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. भारतीय समाज को पिछड़ा और अक्षम सिद्ध करना
व्याख्या: औपनिवेशिक इतिहासकारों ने अक्सर भारतीय समाज को स्वशासन के अयोग्य और पिछड़ा बताने का प्रयास किया।
प्रश्न 40. निम्नलिखित में से कौन-सा स्रोत आधुनिक इतिहासकारों द्वारा इतिहास लेखन में उपयोग नहीं किया जाता?
A. पुरातात्विक साक्ष्य
B. साहित्यिक स्रोत
C. नृविज्ञान संबंधी अध्ययन
D. कल्पनात्मक लोककथाएँ बिना किसी प्रमाण के
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: D. कल्पनात्मक लोककथाएँ बिना किसी प्रमाण के
व्याख्या: आधुनिक इतिहासलेखन प्रमाण-आधारित होता है। इसलिए बिना किसी साक्ष्य वाली कल्पनात्मक कथाओं को ऐतिहासिक प्रमाण नहीं माना जाता।
UPSC महत्वपूर्ण प्रश्न (41–50)
प्रश्न 41. निम्नलिखित में से किस इतिहासकार ने भारतीय इतिहास के अध्ययन में आर्थिक कारकों को विशेष महत्व दिया?
A. डी. डी. कौसंबी
B. विंसेट आर्थर स्मिथ
C. राजेन्द्र लाल मित्र
D. के. ए. नीलकंठ शास्त्री
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. डी. डी. कौसंबी
व्याख्या: कौसंबी ने इतिहास की व्याख्या में आर्थिक संरचना, उत्पादन प्रणाली और सामाजिक संबंधों को प्रमुख आधार माना।
प्रश्न 42. ‘भारत में राष्ट्रीय भावना का अभाव था’ — यह विचार मुख्यतः किस इतिहासलेखन परंपरा से जुड़ा है?
A. राष्ट्रवादी
B. मार्क्सवादी
C. औपनिवेशिक
D. उपाल्टर्न
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. औपनिवेशिक
व्याख्या: औपनिवेशिक इतिहासकारों ने भारतीयों में राष्ट्रीय भावना के अभाव का तर्क देकर ब्रिटिश शासन को उचित ठहराने का प्रयास किया।
प्रश्न 43. निम्नलिखित में से किस इतिहासकार का संबंध प्राचीन भारतीय राजनीतिक संस्थाओं के अध्ययन से है?
A. के. पी. जायसवाल
B. ए. एल. बाशम
C. पांडुरंग वामन काणे
D. राजेन्द्र लाल मित्र
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. के. पी. जायसवाल
व्याख्या: के. पी. जायसवाल ने प्राचीन भारतीय गणराज्यों एवं राजनीतिक संस्थाओं के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रश्न 44. निम्नलिखित में से कौन-सा इतिहासकार स्रोत-संग्रह और पांडुलिपियों के प्रकाशन के लिए प्रसिद्ध है?
A. विश्वनाथ काशीनाथ राजवाड़े
B. डी. डी. कौसंबी
C. आर. सी. मजूमदार
D. ए. एल. बाशम
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. विश्वनाथ काशीनाथ राजवाड़े
व्याख्या: राजवाड़े ने बड़ी संख्या में ऐतिहासिक दस्तावेजों और पांडुलिपियों का संग्रह एवं प्रकाशन किया।
प्रश्न 45. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
A. आर. सी. मजूमदार — History and Culture of the Indian People
B. ए. एल. बाशम — The Wonder That Was India
C. के. ए. नीलकंठ शास्त्री — History of South India
D. विंसेट आर्थर स्मिथ — History of Dharmasastra
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: D. विंसेट आर्थर स्मिथ — History of Dharmasastra
व्याख्या: ‘History of Dharmasastra’ के लेखक पांडुरंग वामन काणे थे, न कि विंसेट आर्थर स्मिथ।
प्रश्न 46. आधुनिक इतिहासलेखन में पुरातत्व का महत्व क्यों बढ़ा है?
A. यह केवल धार्मिक जानकारी देता है
B. यह लिखित स्रोतों की आवश्यकता समाप्त कर देता है
C. यह भौतिक साक्ष्यों के आधार पर इतिहास की पुष्टि करता है
D. यह केवल राजाओं की जानकारी देता है
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. यह भौतिक साक्ष्यों के आधार पर इतिहास की पुष्टि करता है
व्याख्या: पुरातात्विक साक्ष्य इतिहास की घटनाओं और सामाजिक जीवन को प्रमाणित करने में सहायता करते हैं।
प्रश्न 47. राष्ट्रवादी इतिहासकारों ने विशेष रूप से किस बात का खंडन किया?
A. भारत की सांस्कृतिक प्राचीनता का
B. भारतीयों की स्वशासन क्षमता का अभाव
C. प्राचीन साहित्य के महत्व का
D. पुरातत्व के उपयोग का
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. भारतीयों की स्वशासन क्षमता का अभाव
व्याख्या: राष्ट्रवादी इतिहासकारों ने सिद्ध करने का प्रयास किया कि भारत में प्राचीन काल से ही विकसित राजनीतिक संस्थाएँ और शासन परंपराएँ थीं।
प्रश्न 48. निम्नलिखित में से कौन-सा इतिहासलेखन का संतुलित दृष्टिकोण माना जाता है?
A. केवल औपनिवेशिक दृष्टिकोण
B. केवल राष्ट्रवादी दृष्टिकोण
C. साक्ष्यों पर आधारित वस्तुनिष्ठ दृष्टिकोण
D. केवल धार्मिक दृष्टिकोण
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. साक्ष्यों पर आधारित वस्तुनिष्ठ दृष्टिकोण
व्याख्या: आधुनिक इतिहासलेखन विभिन्न स्रोतों और प्रमाणों के आधार पर निष्पक्ष निष्कर्ष निकालने पर बल देता है।
प्रश्न 49. निम्नलिखित में से कौन-सा इतिहासकार भारतीय संस्कृति के व्यापक अध्ययन के लिए जाना जाता है?
A. ए. एल. बाशम
B. जेम्स मिल
C. इलियट
D. विंसेट आर्थर स्मिथ
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. ए. एल. बाशम
व्याख्या: ए. एल. बाशम ने भारतीय संस्कृति, समाज और सभ्यता का व्यापक अध्ययन प्रस्तुत किया।
प्रश्न 50. प्राचीन भारतीय इतिहास के अध्ययन का अंतिम उद्देश्य क्या माना जाता है?
A. केवल राजाओं की सूची तैयार करना
B. केवल युद्धों का वर्णन करना
C. अतीत को समझकर वर्तमान और भविष्य को बेहतर समझना
D. केवल धार्मिक मान्यताओं का प्रचार करना
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. अतीत को समझकर वर्तमान और भविष्य को बेहतर समझना
व्याख्या: इतिहास का उद्देश्य केवल घटनाओं का वर्णन नहीं, बल्कि अतीत के अनुभवों के आधार पर समाज और उसके विकास को समझना भी है।
आशा है कि प्राचीन भारतीय इतिहास के लेखक विषय पर आधारित ये 50 महत्वपूर्ण MCQ आपके लिए उपयोगी सिद्ध होंगे। नियमित अभ्यास से आप इतिहासकारों, उनकी कृतियों तथा इतिहासलेखन की विभिन्न प्रवृत्तियों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऐसे प्रश्नों का बार-बार अभ्यास जरूर करें।
पूरी जानकारी: ब्रिटिश काल के भारतीय इतिहासकार
इतिहास का विभाजन MCQ in Hindi | 50 महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर सहित
