हर्षवर्धन का शासनकाल प्राचीन भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। हर्षवर्धन 7वीं शताब्दी का प्रमुख उत्तर भारतीय शासक था। उसके शासनकाल की जानकारी बाणभट्ट के हर्षचरित तथा चीनी यात्री ह्वेनसांग के विवरण जैसे महत्वपूर्ण स्रोतों से मिलती है। इस लेख में हर्षवर्धन के वंश, शासन, साम्राज्य विस्तार, प्रशासन, धर्म, साहित्य, शिक्षा तथा उसके समय से संबंधित महत्वपूर्ण MCQ प्रश्नों को उत्तर एवं संक्षिप्त व्याख्या सहित दिया गया है।
हर्षवर्धन MCQ (प्रश्न 1–10)
प्रश्न 1. हर्षवर्धन किस वंश का शासक था?
A. मौर्य वंश
B. पुष्यभूति वंश
C. गुप्त वंश
D. सातवाहन वंश
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. पुष्यभूति वंश
व्याख्या: हर्षवर्धन पुष्यभूति या वर्धन वंश का प्रमुख शासक था। इस वंश का प्रारंभिक केंद्र थानेश्वर था।
प्रश्न 2. हर्षवर्धन के समय पुष्यभूति वंश की प्रमुख प्रारंभिक राजधानी कौन-सी थी?
A. पाटलिपुत्र
B. उज्जैन
C. थानेश्वर
D. मथुरा
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. थानेश्वर
व्याख्या: पुष्यभूतियों का प्रारंभिक राजनीतिक केंद्र थानेश्वर था, जिसे प्राचीन स्रोतों में स्थानेश्वर या स्थाणेश्वर भी कहा गया है। बाद में हर्ष ने कन्नौज को अपना प्रमुख केंद्र बनाया।
प्रश्न 3. हर्षवर्धन के पिता कौन थे?
A. राज्यवर्धन
B. प्रभाकरवर्धन
C. ग्रहवर्मन
D. शशांक
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. प्रभाकरवर्धन
व्याख्या: प्रभाकरवर्धन पुष्यभूति वंश के महत्वपूर्ण शासक थे। उनके बाद उनके बड़े पुत्र राज्यवर्धन ने थानेश्वर का शासन संभाला और बाद में हर्षवर्धन शासक बना।
प्रश्न 4. हर्षवर्धन की बहन का नाम क्या था?
A. प्रभावती
B. राज्यश्री
C. कुमारदेवी
D. यशोमती
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. राज्यश्री
व्याख्या: राज्यश्री हर्षवर्धन की बहन थी। उसका विवाह कन्नौज के मौखरी शासक ग्रहवर्मन से हुआ था। उसके जीवन की घटनाओं ने हर्ष के राजनीतिक जीवन को प्रभावित किया।
प्रश्न 5. राज्यश्री का विवाह किस शासक से हुआ था?
A. पुलकेशिन द्वितीय
B. ग्रहवर्मन
C. शशांक
D. भास्करवर्मन
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. ग्रहवर्मन
व्याख्या: हर्ष की बहन राज्यश्री का विवाह कन्नौज के मौखरी शासक ग्रहवर्मन से हुआ था। इस वैवाहिक संबंध से पुष्यभूतियों और मौखरियों के बीच राजनीतिक संबंध मजबूत हुए।
प्रश्न 6. प्रभाकरवर्धन की मृत्यु के बाद थानेश्वर का शासक कौन बना?
A. हर्षवर्धन
B. राज्यवर्धन
C. ग्रहवर्मन
D. भास्करवर्मन
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. राज्यवर्धन
व्याख्या: प्रभाकरवर्धन की मृत्यु के बाद उनके बड़े पुत्र राज्यवर्धन ने लगभग 605 ई. में थानेश्वर की सत्ता संभाली। इसके बाद 606 ई. में हर्षवर्धन सत्ता में आया।
प्रश्न 7. हर्षवर्धन लगभग किस वर्ष थानेश्वर की गद्दी पर बैठा?
A. 550 ई.
B. 575 ई.
C. 606 ई.
D. 647 ई.
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. 606 ई.
व्याख्या: राज्यवर्धन की मृत्यु के बाद हर्षवर्धन ने 606 ई. के आसपास सत्ता संभाली। उसका शासनकाल सामान्यतः 606 से 647 ई. के बीच माना जाता है।
प्रश्न 8. हर्षवर्धन के बड़े भाई का नाम क्या था?
A. राज्यवर्धन
B. आदित्यवर्धन
C. नरवर्धन
D. ग्रहवर्मन
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. राज्यवर्धन
व्याख्या: राज्यवर्धन, प्रभाकरवर्धन के बड़े पुत्र और हर्षवर्धन के बड़े भाई थे। उनकी मृत्यु के बाद हर्ष ने सत्ता संभाली।
प्रश्न 9. राज्यवर्धन की मृत्यु के बाद हर्षवर्धन के सामने प्रमुख राजनीतिक चुनौती किससे संबंधित थी?
A. नंदों से संघर्ष
B. शशांक और उसके सहयोगियों के विरुद्ध संघर्ष
C. चोलों से युद्ध
D. कुषाणों के विरुद्ध युद्ध
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. शशांक और उसके सहयोगियों के विरुद्ध संघर्ष
व्याख्या: राज्यवर्धन की मृत्यु और कन्नौज की परिस्थितियों के बाद हर्ष का संघर्ष गौड़ के शासक शशांक से हुआ। इस घटना ने हर्ष के प्रारंभिक राजनीतिक अभियान को प्रभावित किया।
प्रश्न 10. हर्षवर्धन ने बाद में अपनी प्रमुख राजनीतिक राजधानी किस नगर को बनाया?
A. कन्नौज
B. पाटलिपुत्र
C. उज्जैन
D. वैशाली
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. कन्नौज
व्याख्या: हर्ष ने बाद में कन्नौज (कन्यकुब्ज) को अपने साम्राज्य का प्रमुख राजनीतिक केंद्र बनाया। कन्नौज उसके शासनकाल में उत्तर भारत का एक महत्वपूर्ण सत्ता-केंद्र बन गया।
हर्षवर्धन MCQ (प्रश्न 11–20)
प्रश्न 11. हर्षवर्धन किस वंश से संबंधित था?
A. मौर्य वंश
B. पुष्यभूति वंश
C. गुप्त वंश
D. राष्ट्रकूट वंश
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. पुष्यभूति वंश
व्याख्या: हर्षवर्धन पुष्यभूति या वर्धन वंश का प्रमुख शासक था। इस वंश का प्रारंभिक केंद्र थानेश्वर था।
प्रश्न 12. हर्षवर्धन के पिता का नाम क्या था?
A. प्रभाकरवर्धन
B. राज्यवर्धन
C. आदित्यवर्धन
D. ग्रहवर्मन
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. प्रभाकरवर्धन
व्याख्या: प्रभाकरवर्धन पुष्यभूति वंश का शक्तिशाली शासक था। उसके बाद उसके बड़े पुत्र राज्यवर्धन और फिर हर्षवर्धन ने सत्ता संभाली।
प्रश्न 13. हर्षवर्धन के बड़े भाई का नाम क्या था?
A. कृष्णवर्धन
B. राज्यवर्धन
C. ग्रहवर्मन
D. आदित्यवर्धन
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. राज्यवर्धन
व्याख्या: राज्यवर्धन हर्षवर्धन का बड़ा भाई था। पिता प्रभाकरवर्धन की मृत्यु के बाद उसने थानेश्वर की सत्ता संभाली थी।
प्रश्न 14. हर्षवर्धन की बहन का नाम क्या था?
A. राज्यश्री
B. प्रभावती
C. ध्रुवदेवी
D. यशोमती
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. राज्यश्री
व्याख्या: राज्यश्री हर्षवर्धन की बहन थी। उसका विवाह कन्नौज के मौखरी शासक ग्रहवर्मन से हुआ था।
प्रश्न 15. हर्षवर्धन का विवाह किस राजवंश की राजकुमारी राज्यश्री से संबंधित था?
A. मौखरी वंश
B. चालुक्य वंश
C. पल्लव वंश
D. राष्ट्रकूट वंश
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. मौखरी वंश
व्याख्या: राज्यश्री का विवाह कन्नौज के मौखरी शासक ग्रहवर्मन से हुआ था। हर्ष के राजनीतिक विस्तार में कन्नौज से यह पारिवारिक संबंध महत्वपूर्ण रहा।
प्रश्न 16. हर्षवर्धन ने अपनी राजधानी थानेश्वर से किस नगर को बनाया?
A. पाटलिपुत्र
B. कन्नौज
C. उज्जैन
D. मथुरा
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. कन्नौज
व्याख्या: प्रारंभ में हर्षवर्धन का राजनीतिक केंद्र थानेश्वर था। बाद में उसने कन्नौज को अपनी प्रमुख राजधानी बनाया और यह उसके साम्राज्य का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया।
प्रश्न 17. हर्षवर्धन के समय कन्नौज किस कारण से विशेष रूप से प्रसिद्ध हुआ?
A. समुद्री व्यापार के कारण
B. राजनीतिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में
C. लौह उद्योग के कारण
D. केवल घोड़े के व्यापार के कारण
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. राजनीतिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में
व्याख्या: हर्ष के शासनकाल में कन्नौज उत्तर भारत का एक प्रमुख राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र बन गया। यहाँ धार्मिक सभाएँ भी आयोजित की गई थीं।
प्रश्न 18. हर्षवर्धन ने किस दक्षिण भारतीय शासक के साथ संघर्ष किया था?
A. पुलकेशिन द्वितीय
B. नरसिंहवर्मन प्रथम
C. कृष्ण प्रथम
D. राजराज प्रथम
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. पुलकेशिन द्वितीय
व्याख्या: हर्षवर्धन ने दक्षिण की ओर अपना प्रभाव बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के क्षेत्र में उसकी आगे की प्रगति को रोक दिया।
प्रश्न 19. हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत आने वाला प्रसिद्ध चीनी यात्री कौन था?
A. फाह्यान
B. ह्वेनसांग
C. इत्सिंग
D. अलबरूनी
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. ह्वेनसांग
व्याख्या: चीनी बौद्ध यात्री ह्वेनसांग हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत आया था। उसके विवरण से हर्षकालीन भारत की राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक स्थिति की जानकारी मिलती है।
प्रश्न 20. ह्वेनसांग ने हर्षवर्धन के शासनकाल में किस विश्वविद्यालय का विशेष रूप से उल्लेख किया?
A. तक्षशिला
B. वल्लभी
C. नालंदा
D. विक्रमशिला
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. नालंदा
व्याख्या: ह्वेनसांग ने नालंदा महाविहार में अध्ययन किया था और अपने विवरण में नालंदा की शिक्षा व्यवस्था तथा बौद्ध अध्ययन का उल्लेख किया है।
हर्षवर्धन MCQ (प्रश्न 21–30)
प्रश्न 21. हर्षवर्धन के जीवन और शासन की जानकारी का प्रमुख साहित्यिक स्रोत कौन-सा है?
A. अर्थशास्त्र
B. हर्षचरित
C. राजतरंगिणी
D. मुद्राराक्षस
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. हर्षचरित
व्याख्या: हर्षचरित की रचना बाणभट्ट ने की थी। इसमें हर्षवर्धन के जीवन, परिवार और शासन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।
प्रश्न 22. ‘हर्षचरित’ के लेखक कौन थे?
A. कालिदास
B. बाणभट्ट
C. भवभूति
D. रविकीर्ति
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. बाणभट्ट
व्याख्या: बाणभट्ट हर्षवर्धन के दरबारी लेखक थे। उन्होंने संस्कृत में ‘हर्षचरित’ की रचना की, जो हर्ष के जीवन का महत्वपूर्ण साहित्यिक स्रोत है।
प्रश्न 23. हर्षवर्धन द्वारा रचित नाटक कौन-सा है?
A. नागानंद
B. अभिज्ञानशाकुंतलम्
C. मृच्छकटिकम्
D. रत्नावली
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. नागानंद
व्याख्या: ‘नागानंद’ हर्षवर्धन से संबंधित संस्कृत नाटकों में से एक है। हर्ष को साहित्य और संस्कृत भाषा का संरक्षक तथा लेखक माना जाता है।
प्रश्न 24. निम्नलिखित में से कौन-सा ग्रंथ हर्षवर्धन से संबंधित है?
A. रत्नावली
B. दशकुमारचरित
C. कादंबरी
D. मालविकाग्निमित्र
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. रत्नावली
व्याख्या: ‘रत्नावली’ संस्कृत नाटक है, जिसका श्रेय परंपरागत रूप से हर्षवर्धन को दिया जाता है। हर्ष से ‘नागानंद’ और ‘प्रियदर्शिका’ भी संबंधित हैं।
प्रश्न 25. हर्षवर्धन के शासनकाल में आयोजित कन्नौज सभा का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
A. सैन्य प्रशिक्षण
B. बौद्ध धर्म के महायान मत का समर्थन एवं धार्मिक चर्चा
C. व्यापारिक समझौते
D. कर व्यवस्था में परिवर्तन
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. बौद्ध धर्म के महायान मत का समर्थन एवं धार्मिक चर्चा
व्याख्या: हर्ष ने कन्नौज में एक विशाल धार्मिक सभा आयोजित की थी। इसमें महायान बौद्ध धर्म के विचारों को विशेष महत्व दिया गया और ह्वेनसांग ने भी इसमें भाग लिया।
प्रश्न 26. हर्षवर्धन की धार्मिक नीति के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
A. वह केवल वैष्णव धर्म का समर्थक था
B. उसने सभी धार्मिक परंपराओं के प्रति सहिष्णुता दिखाई
C. उसने बौद्ध धर्म पर प्रतिबंध लगाया
D. उसने केवल जैन धर्म को संरक्षण दिया
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. उसने सभी धार्मिक परंपराओं के प्रति सहिष्णुता दिखाई
व्याख्या: हर्षवर्धन धार्मिक रूप से सहिष्णु शासक था। उसके शासनकाल में बौद्ध, हिंदू और अन्य धार्मिक परंपराओं को संरक्षण प्राप्त हुआ। बाद के समय में उसका झुकाव महायान बौद्ध धर्म की ओर बढ़ा।
प्रश्न 27. हर्षवर्धन द्वारा आयोजित प्रसिद्ध दान समारोह कहाँ आयोजित किया जाता था?
A. पाटलिपुत्र
B. प्रयाग
C. उज्जैन
D. तक्षशिला
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. प्रयाग
व्याख्या: हर्षवर्धन प्रयाग में समय-समय पर धार्मिक एवं दान समारोह आयोजित करता था। इन अवसरों पर वह अपनी संपत्ति और धन का दान करता था।
प्रश्न 28. हर्षवर्धन की प्रयाग सभा को किस नाम से भी जाना जाता है?
A. महामोक्ष परिषद
B. धर्मसभा
C. राजसभा
D. विजय परिषद
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. महामोक्ष परिषद
व्याख्या: प्रयाग में हर्ष द्वारा आयोजित विशाल धार्मिक एवं दान समारोह को ‘महामोक्ष परिषद’ के नाम से जाना जाता है। इसमें वह विभिन्न धार्मिक समुदायों के लोगों को दान देता था।
प्रश्न 29. हर्षवर्धन के शासनकाल में प्रशासनिक कार्यों में किस भाषा का प्रमुख रूप से प्रयोग होता था?
A. संस्कृत
B. फारसी
C. अरबी
D. तमिल
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. संस्कृत
व्याख्या: हर्षकाल में संस्कृत का महत्वपूर्ण स्थान था। राजकीय एवं साहित्यिक गतिविधियों में संस्कृत का व्यापक प्रयोग होता था और हर्ष के दरबार में भी संस्कृत साहित्य को संरक्षण मिला।
प्रश्न 30. हर्षवर्धन के शासनकाल के बारे में जानकारी देने वाला चीनी यात्री का विवरण किस प्रकार का महत्वपूर्ण स्रोत है?
A. विदेशी यात्री का विवरण
B. पुराण साहित्य
C. ताम्रपत्र
D. सिक्के
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. विदेशी यात्री का विवरण
व्याख्या: ह्वेनसांग का यात्रा-विवरण हर्षकालीन भारत के लिए महत्वपूर्ण विदेशी स्रोत है। इसमें तत्कालीन समाज, धर्म, शिक्षा, प्रशासन और राजनीतिक परिस्थितियों से संबंधित जानकारी मिलती है।
हर्षवर्धन MCQ (प्रश्न 31–40)
प्रश्न 31. हर्षवर्धन ने अपने शासनकाल में उत्तर भारत के किस बड़े भाग को अपने अधीन किया था?
A. केवल मगध
B. उत्तर भारत के विस्तृत क्षेत्र
C. केवल बंगाल
D. केवल राजस्थान
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. उत्तर भारत के विस्तृत क्षेत्र
व्याख्या: हर्षवर्धन ने उत्तर भारत में अपनी राजनीतिक शक्ति का व्यापक विस्तार किया। उसके प्रभाव में पंजाब, कन्नौज, मगध और बंगाल के कुछ क्षेत्रों सहित कई प्रदेश आए।
प्रश्न 32. हर्षवर्धन के शासनकाल में कौन-सा नगर शिक्षा का प्रमुख केंद्र था?
A. नालंदा
B. मदुरै
C. कांचीपुरम
D. तंजावुर
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. नालंदा
व्याख्या: हर्षवर्धन के समय नालंदा भारत का प्रसिद्ध शिक्षा केंद्र था। यहाँ बौद्ध दर्शन के साथ-साथ विभिन्न विषयों का अध्ययन कराया जाता था।
प्रश्न 33. हर्षवर्धन ने नालंदा के विद्वानों और शिक्षा संस्थान के प्रति कैसी नीति अपनाई?
A. विरोध की
B. संरक्षण एवं सहायता की
C. प्रतिबंध लगाने की
D. उसे बंद करने की
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. संरक्षण एवं सहायता की
व्याख्या: हर्षवर्धन विद्या और विद्वानों का संरक्षक था। उसने नालंदा जैसे शिक्षा केंद्रों को सहायता और संरक्षण प्रदान किया।
प्रश्न 34. हर्षवर्धन के शासनकाल में राज्य की आय का प्रमुख स्रोत क्या था?
A. कृषि से प्राप्त कर
B. समुद्री लूट
C. केवल विदेशी व्यापार
D. मंदिरों से प्राप्त धन
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. कृषि से प्राप्त कर
व्याख्या: प्राचीन भारतीय राज्यों की तरह हर्ष के राज्य में भी कृषि से प्राप्त राजस्व राज्य की आय का महत्वपूर्ण आधार था। भूमि से संबंधित करों से राजकोष को आय प्राप्त होती थी।
प्रश्न 35. हर्षवर्धन के शासनकाल में दान और धार्मिक कार्यों के लिए किस प्रकार की व्यवस्था प्रसिद्ध थी?
A. केवल सैनिकों को दान
B. धार्मिक संस्थाओं और जरूरतमंदों को दान
C. केवल व्यापारियों को दान
D. केवल विदेशी यात्रियों को दान
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. धार्मिक संस्थाओं और जरूरतमंदों को दान
व्याख्या: हर्षवर्धन दानशील शासक के रूप में प्रसिद्ध था। वह धार्मिक संस्थाओं, विद्वानों तथा जरूरतमंद लोगों को दान देता था और प्रयाग में बड़े दान समारोह आयोजित करता था।
प्रश्न 36. हर्षवर्धन के शासनकाल में साहित्य के विकास का प्रमुख कारण क्या था?
A. शासक का साहित्य के प्रति संरक्षण
B. विदेशी आक्रमण
C. व्यापार का पतन
D. कृषि का समाप्त होना
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. शासक का साहित्य के प्रति संरक्षण
व्याख्या: हर्ष स्वयं साहित्य में रुचि रखता था और विद्वानों को संरक्षण देता था। उसके दरबार से बाणभट्ट जैसे प्रसिद्ध साहित्यकार जुड़े हुए थे।
प्रश्न 37. बाणभट्ट हर्षवर्धन के दरबार में किस रूप में प्रसिद्ध था?
A. सेनापति
B. दरबारी कवि एवं लेखक
C. राजदूत
D. मुख्य व्यापारी
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. दरबारी कवि एवं लेखक
व्याख्या: बाणभट्ट हर्षवर्धन के दरबार से संबंधित प्रसिद्ध संस्कृत लेखक था। उसकी रचनाएँ हर्षकालीन इतिहास के अध्ययन में महत्वपूर्ण स्रोत मानी जाती हैं।
प्रश्न 38. हर्षवर्धन के समय भारत की सामाजिक स्थिति के बारे में जानकारी का महत्वपूर्ण स्रोत कौन-सा है?
A. ह्वेनसांग का यात्रा-विवरण
B. अर्थशास्त्र
C. इलाहाबाद प्रशस्ति
D. संगम साहित्य
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. ह्वेनसांग का यात्रा-विवरण
व्याख्या: ह्वेनसांग ने भारत के विभिन्न क्षेत्रों की यात्रा की और यहाँ के समाज, शिक्षा, धर्म तथा प्रशासन के बारे में विस्तृत विवरण दिया। इसलिए उसका यात्रा-विवरण हर्षकालीन भारत के अध्ययन का महत्वपूर्ण स्रोत है।
प्रश्न 39. हर्षवर्धन के शासन की प्रमुख विशेषताओं में से एक क्या थी?
A. धार्मिक सहिष्णुता और दानशीलता
B. समुद्री साम्राज्य की स्थापना
C. केवल सैन्य विस्तार
D. विदेशी व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. धार्मिक सहिष्णुता और दानशीलता
व्याख्या: हर्षवर्धन का शासन धार्मिक सहिष्णुता, विद्वानों के संरक्षण और दानशीलता के लिए जाना जाता है। उसने विभिन्न धार्मिक परंपराओं के प्रति उदार दृष्टिकोण रखा।
प्रश्न 40. हर्षवर्धन की मृत्यु के बाद उसके साम्राज्य की स्थिति क्या हुई?
A. साम्राज्य और अधिक शक्तिशाली हुआ
B. साम्राज्य स्थायी रूप से एकजुट रहा
C. केंद्रीय सत्ता कमजोर हुई और साम्राज्य का विघटन होने लगा
D. दक्षिण भारत पर उसका नियंत्रण बढ़ गया
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: C. केंद्रीय सत्ता कमजोर हुई और साम्राज्य का विघटन होने लगा
व्याख्या: हर्षवर्धन की मृत्यु के बाद उसका कोई प्रभावशाली उत्तराधिकारी नहीं था। इसके परिणामस्वरूप उसकी केंद्रीय सत्ता कमजोर हुई और उसके द्वारा स्थापित विशाल राजनीतिक व्यवस्था धीरे-धीरे बिखर गई।
हर्षवर्धन MCQ (प्रश्न 41–50)
प्रश्न 41. हर्षवर्धन के पिता का नाम क्या था?
A. प्रभाकरवर्धन
B. राज्यवर्धन
C. आदित्यवर्धन
D. यशोवर्मन
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. प्रभाकरवर्धन
व्याख्या: प्रभाकरवर्धन वर्धन वंश के प्रमुख शासक थे। उनके बाद उनके पुत्र राज्यवर्धन और हर्षवर्धन ने सत्ता संभाली।
प्रश्न 42. हर्षवर्धन की बहन का नाम क्या था?
A. प्रभावती
B. राज्यश्री
C. यशोमती
D. ध्रुवदेवी
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. राज्यश्री
व्याख्या: राज्यश्री हर्षवर्धन की बहन थी। उसका विवाह कन्नौज के मौखरी शासक गृहवर्मन से हुआ था। बाद में हर्ष ने उसे संकट से बचाने का प्रयास किया।
प्रश्न 43. हर्षवर्धन का विवाह किस राजवंश से संबंधित राजकुमारी राज्यश्री से हुआ था?
A. मौखरी वंश
B. सातवाहन वंश
C. राष्ट्रकूट वंश
D. पल्लव वंश
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. मौखरी वंश
व्याख्या: यहाँ प्रश्न में एक महत्वपूर्ण सुधार आवश्यक है—राज्यश्री हर्ष की बहन थी, पत्नी नहीं। उसका विवाह कन्नौज के मौखरी शासक गृहवर्मन से हुआ था। इसलिए सही तथ्य है कि राज्यश्री का संबंध मौखरी वंश से था।
प्रश्न 44. हर्षवर्धन के शासनकाल में नालंदा विश्वविद्यालय का प्रसिद्ध विद्वान कौन था?
A. नागार्जुन
B. ह्वेनसांग
C. आर्यभट्ट
D. वराहमिहिर
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. ह्वेनसांग
व्याख्या: चीनी बौद्ध यात्री ह्वेनसांग ने हर्ष के शासनकाल में भारत की यात्रा की और नालंदा में अध्ययन भी किया। उसके विवरण से तत्कालीन भारत की शिक्षा और समाज के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।
प्रश्न 45. हर्षवर्धन के दरबारी कवि और जीवनीकार कौन थे?
A. रविकीर्ति
B. बाणभट्ट
C. कल्हण
D. दंडी
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. बाणभट्ट
व्याख्या: बाणभट्ट हर्षवर्धन के दरबारी कवि थे। उन्होंने संस्कृत में हर्षचरित की रचना की, जिसमें हर्ष के जीवन और उसके समय की महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।
प्रश्न 46. हर्षवर्धन द्वारा रचित संस्कृत नाटक कौन-सा है?
A. मुद्राराक्षस
B. रत्नावली
C. मृच्छकटिकम्
D. मालविकाग्निमित्रम्
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. रत्नावली
व्याख्या: हर्षवर्धन को साहित्य में भी रुचि थी। परंपरागत रूप से रत्नावली, प्रियदर्शिका और नागानंद नामक संस्कृत नाटकों को हर्ष से संबंधित माना जाता है।
प्रश्न 47. हर्षवर्धन द्वारा आयोजित प्रसिद्ध धार्मिक सभा कहाँ आयोजित होती थी?
A. पाटलिपुत्र
B. प्रयाग
C. उज्जैन
D. तक्षशिला
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. प्रयाग
व्याख्या: हर्ष प्रयाग में समय-समय पर धार्मिक सभा और दानोत्सव आयोजित करता था। ह्वेनसांग ने भी इस आयोजन का उल्लेख किया है।
प्रश्न 48. हर्षवर्धन के समय भारत आने वाला चीनी यात्री कौन था?
A. फाह्यान
B. ह्वेनसांग
C. इत्सिंग
D. अलबरूनी
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: B. ह्वेनसांग
व्याख्या: ह्वेनसांग 7वीं शताब्दी में भारत आया और लगभग 629–645 ई. के बीच भारत में रहा। उसने हर्ष के शासनकाल तथा तत्कालीन भारतीय समाज, धर्म और प्रशासन का विस्तृत विवरण दिया।
प्रश्न 49. हर्षवर्धन के बाद उसके साम्राज्य के पतन का प्रमुख कारण क्या था?
A. शक्तिशाली उत्तराधिकारी का अभाव
B. समुद्री आक्रमण
C. अकाल
D. मौर्यों का पुनरुत्थान
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. शक्तिशाली उत्तराधिकारी का अभाव
व्याख्या: हर्ष की मृत्यु के बाद उसका कोई प्रभावशाली उत्तराधिकारी नहीं था। परिणामस्वरूप उसका विशाल साम्राज्य शीघ्र ही कमजोर होकर विभिन्न क्षेत्रीय शक्तियों में बँट गया।
प्रश्न 50. हर्षवर्धन के शासनकाल के अध्ययन के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा स्रोत सबसे महत्वपूर्ण है?
A. हर्षचरित और ह्वेनसांग का विवरण
B. अर्थशास्त्र और राजतरंगिणी
C. इंडिका और मुद्राराक्षस
D. गाथासप्तशती और दीपवंश
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: A. हर्षचरित और ह्वेनसांग का विवरण
व्याख्या: बाणभट्ट की हर्षचरित तथा चीनी यात्री ह्वेनसांग का विवरण हर्षकालीन इतिहास के दो प्रमुख स्रोत हैं। इनसे हर्ष के शासन, समाज, धर्म और राजनीतिक परिस्थितियों की जानकारी मिलती है।
हर्षवर्धन का काल प्राचीन भारतीय इतिहास में राजनीतिक, धार्मिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। हर्षचरित और ह्वेनसांग के विवरण के कारण उसके शासनकाल के बारे में अपेक्षाकृत अच्छी जानकारी प्राप्त होती है। UP Police, SSC, PET तथा अन्य वन-डे परीक्षाओं में हर्षवर्धन से संबंधित प्रश्न प्रायः उसके वंश, ह्वेनसांग, बाणभट्ट, हर्षचरित, प्रयाग सभा और प्रमुख घटनाओं से पूछे जाते हैं। उम्मीद है कि ये MCQ आपकी परीक्षा तैयारी में उपयोगी होंगे।
दक्षिण भारत के प्रमुख राजवंश MCQ: पल्लव, चालुक्य, राष्ट्रकूट एवं सातवाहन
प्रागैतिहासिक काल (पाषाण, ताम्रपाषाण एवं लौह युग) MCQ
प्राचीन भारतीय इतिहास के लेखक एवं उनकी कृतियाँ MCQ
