नमस्कार दोस्तों, आज हम बात करेंगे सिंधु घाटी सभ्यता की, जिसे पढ़े बिना भारतीय इतिहास की शुरुआत समझ ही नहीं आती।ये सभ्यता इतनी एडवांस थी कि आज के शहर भी इनकी तरक्की को देखकर हैरान हो जाएँ।
इसका नाम “सिंधु नदी” के नाम पर पड़ा था, क्योंकि इसके ज़्यादातर शहर इसी नदी के आसपास मिले। इसे हड़प्पा सभ्यता भी कहा जाता है क्योंकि पहला शहर हड़प्पा मिला था।
Contents
- 1 खोज कब हुई??
- 2 समयकाल (Time Period)
- 3 प्रमुख स्थान (Major Sites)
- 4 नगर व्यवस्था (Town Planning)
- 5 अर्थव्यवस्था (Economy)
- 6 धर्म और संस्कृति (Religion & Culture)
- 7 लिपि (Script)
- 8 पतन के कारण (Decline Reasons)
- 9 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Most Important for RRB NTPC)
- 10 मोहनजोदड़ो किस चीज़ के लिए प्रसिद्ध है? (RRB NTPC – PYQ)
- 11 ‘नृत्य करती लड़की’ (Dancing Girl) मूर्ति किस धातु की बनी है? (SSC CGL – PYQ)
- 12 लोथल किस कारण प्रसिद्ध है? (RRB Group-D – PYQ)
- 13 सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि कैसी थी? (SSC CHSL– PYQ)
- 14 कालीबंगन किस बात के लिए प्रसिद्ध है?(RRB NTPC – PYQ)
- 15 सबसे बड़ा सिंधु घाटी स्थल कौन सा है? (SSC GD / Railway – PYQ)
- 16 हड़प्पा सभ्यता नाम किस कारण पड़ा? (RRB JE – PYQ)
- 17 सिंधु घाटी सभ्यता में किस धातु का प्रयोग नहीं मिलता? (SSC CGL PYQ)
- 18 कौन सा स्थल जल प्रबंधन (Water Management) के लिए प्रसिद्ध है? (RRB NTPC – PYQ)
- 19 सिंधु घाटी सभ्यता में नगर योजना कैसी थी? (SSC CHSL – PYQ)
- 20 ARYA HISTORY
खोज कब हुई??
19वीं सदी के अंत में जब ब्रिटिश लोग लाहौर–कराची रेलवे लाइन बना रहे थे, तब मजदूरों ने बड़े पैमाने पर बहुत सारी पुरानी पकी ईंटें खोदकर निकालीं। इन ईंटों का उपयोग रेलवे ट्रैक के नीचे (ballast) के रूप में किया गया। किसी को पता ही नहीं था कि यह एक बहुत बड़ी प्राचीन सभ्यता दबी हुई है।
मजदूरों ने ईंटें 1850–1880 के आसपास निकाली थीं। लेकिन असली पुरातात्विक खोज (Archaeological discovery) 1921 में हुई।
- हड़प्पा– दयाराम साहनी (1921)
- मोहनजोदड़ो– राखलदास बनर्जी (1922)
समयकाल (Time Period)
2600 ई.पू. – 1900 ई.पू. सिंधु घाटी सभ्यता का समय माना जाता है। इसी समय इसे अपनी सबसे ज़्यादा तरक्की मिली थी (Mature Harappan Phase)।
प्रमुख स्थान (Major Sites)
ये सभ्यता भारत और पाकिस्तान के कई इलाकों में फैली थी। कुछ मुख्य स्थल —
- हड़प्पा– पहला खोजा गया शहर (1921)
- मोहनजोदड़ो– ग्रेट बाथ के लिए प्रसिद्ध
- लोथल– डॉकयार्ड के लिए मशहूर
- धोलावीरा– अनोखी नगर रचना, तीन भागों में शहर
- कालीबंगन– कृषि के प्रमाण, अग्निकुंड
- राखीगढ़ी– हरियाणा में बड़ा स्थल
नगर व्यवस्था (Town Planning)
- ये सभ्यता अपनी अद्भुत शहर बसाने की कला के लिए जानी जाती है।
- सड़कें एक-दूसरे को काटती थीं (Grid System)
- घर पक्की ईंटों से बने थे
- हर घर में नहाने का स्थान, ड्रेनेज सिस्टम
- नालियाँ ढकी हुई (Covered Drainage System)
- मोहनजोदड़ो का ग्रेट बाथ – पहला सार्वजनिक स्नानघर
सच कहें तो ये लोग सफाई और प्लानिंग में हमसे बहुत ज्यादा ही आगे थे।
अर्थव्यवस्था (Economy)
- मुख्य काम – कृषि, व्यापार, हस्तकला
- गेहूँ, जौ, बाजरा जैसी फसलें
- व्यापार – मेसोपोटामिया तक
- लोथल का डॉकयार्ड व्यापार का बड़ा केंद्र था
- मोहरें (Seals) व्यापार में इस्तेमाल होती थी
धर्म और संस्कृति (Religion & Culture)
- मातृदेवी (Mother Goddess) की पूजा
- पशुपति जैसी आकृति (शिव जैसा रूप)
- वृक्ष पूजा – पीपल का पेड़
- जानवरों से जुड़ी मान्यताएँ
- अग्नि पूजा के प्रमाण (कालीबंगन
Important — किसी मंदिर या विशाल धार्मिक भवन का प्रमाण नहीं मिला।
लिपि (Script)
इनकी लिपि अभी भी अज्ञात है। छोटी-छोटी ताम्र मुहरों पर लिखी मिलती है, पर आज तक पढ़ी नहीं जा सकी।
पतन के कारण (Decline Reasons)
तो भाई इस सभ्यता का पतन कई कारणों से माना जाता है–
- नदी मार्ग बदलना
- बाढ़
- पानी की कमी
- व्यापार का गिरना
- प्राकृतिक आपदाएँ
कोई एक कारण निश्चित नहीं है, कई कारण मिलकर असर बने।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Most Important for RRB NTPC)
- पहला स्थल– हड़प्पा
- सबसे बड़ा भारतीय स्थल –धोलावीरा
- सबसे बड़ा समग्र स्थल– मोहनजोदड़ो
- ग्रेट बाथ– मोहनजोदड़ो
- डॉकयार्ड– लोथल
- अग्निकुंड– कालीबंगन
- तांबे की सबसे प्रसिद्ध मूर्ति – नृत्य करती लड़की(डांसर गर्ल)
- सभ्यता का स्वर्ण काल – 2600–1900 ई.पू
- वैदिक काल की सम्पूर्ण जानकारी
- पाषाण काल क्या है? | पाषाण काल के प्रकार, जीवन शैली और प्रमुख स्थल
मोहनजोदड़ो किस चीज़ के लिए प्रसिद्ध है? (RRB NTPC – PYQ)
ग्रेट बाथ (Great Bath)
मोहनजोदड़ो का ‘Great Bath’ दुनिया का सबसे पुराना सार्वजनिक स्नानघर माना जाता है। यह ईंटों से बना, चारों तरफ से कमरों से घिरा और जल-रोधी (waterproof) है। इससे पता चलता है कि सिंधु घाटी के लोग सफाई, स्नान और सार्वजनिक जगहों पर खास ध्यान देते थे।
‘नृत्य करती लड़की’ (Dancing Girl) मूर्ति किस धातु की बनी है? (SSC CGL – PYQ)
तांबा (Bronze)
यह प्रतिमा मोहनजोदड़ो से मिली थी। इस लड़की का एक हाथ कमर पर और दूसरा बाहर है posture आज भी famous है। यह बताता है कि उस समय धातु ढलाई (metal casting) की तकनीक बेहद उन्नत थी, खासकर lost-wax technique।
लोथल किस कारण प्रसिद्ध है? (RRB Group-D – PYQ)
Dockyard (बंदरगाह / जहाज़ों का गोदाम)
लोथल गुजरात में स्थित है और यहाँ दुनिया के सबसे पुराने dockyards में से एक मिला है। इससे पता चलता है कि सिंधु घाटी सभ्यता के लोग समुद्री व्यापार में बहुत आगे थे और विदेशों (जैसे मेसोपोटामिया) तक व्यापार करते थे।
सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि कैसी थी? (SSC CHSL– PYQ)
अपठित (Undeciphered)
अब तक इसकी लिपि नहीं पढ़ी जा सकी है। मुहरों(seals) पर छोटी-छोटी signs मिलती हैं लेकिन ये पूरी तरह decode नहीं हुईं। इस वजह से हमें इनके धार्मिक और राजनीतिक जीवन के बारे में पूरा पता नहीं चल पाता।
कालीबंगन किस बात के लिए प्रसिद्ध है?(RRB NTPC – PYQ)
अग्निकुंड (Fire Altars), और हल चलाने के निशान
कालीबंगन (राजस्थान) में खेत जोतने के निशान मिले ये दुनिया के सबसे पहले ploughed fields के प्रमाण हैं। साथ ही कई अग्निकुंड मिले जिनसे लगता है कि धार्मिक अनुष्ठान में आग का महत्व था।
सबसे बड़ा सिंधु घाटी स्थल कौन सा है? (SSC GD / Railway – PYQ)
धोलावीरा (भारत में)
और कुल मिलाकर सबसे बड़ा मोहनजोदड़ो (पाकिस्तान)
धोलावीरा की नगर-रचना अनोखी है इसे 3 भागों में बाँटा गया है। यहाँ से पानी संग्रहण की बेहतरीन व्यवस्था भी मिली।
हड़प्पा सभ्यता नाम किस कारण पड़ा? (RRB JE – PYQ)
सबसे पहले हड़प्पा स्थल की खोज होने के कारण।
1921 में दयाराम साहनी ने हड़प्पा की खोज की थी।
इसके एक साल बाद 1922 में मोहनजोदड़ो मिला।
इसलिए इस पूरी सभ्यता को लंबे समय तक हड़प्पा सभ्यता कहा जाता रहा।
सिंधु घाटी सभ्यता में किस धातु का प्रयोग नहीं मिलता? (SSC CGL PYQ)
लोहा (Iron)
सिंधु सभ्यता ताम्रपाषाण युग में आती है, इसलिए तांबा, कांसा खूब मिलता है। लेकिन लोहा बिल्कुल नहीं मिलता यह बाद के वैदिक युग में आता है।
कौन सा स्थल जल प्रबंधन (Water Management) के लिए प्रसिद्ध है? (RRB NTPC – PYQ)
धोलावीरा
धोलावीरा में पानी संग्रहण के लिए बाँध, तालाब और reservoir मिले हैं। राजस्थान जैसे शुष्क इलाके में ऐसी तकनीक बहुत advanced मानी जाती है।
सिंधु घाटी सभ्यता में नगर योजना कैसी थी? (SSC CHSL – PYQ)
Grid System पर आधारित
सड़कों को इस तरह बनाया गया था कि वे 90° के कोण पर एक-दूसरे को काटती थीं। घर पक्की ईंटों के बने, और नालियाँ ढकी हुई थीं यह प्राचीन दुनिया की सबसे वैज्ञानिक planning मानी जाती है।



