कैलेंडर, BC/AD, और शताब्दी
तो मान लो 2025 एक data है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि सब कुछ यहीं से शुरू हुआ। इसके पीछे भी काफी चीजें हुई है जो हमारे इतिहास का हिस्सा है। इन सभी चीजों को हम कालक्रम के माध्यम से ही समझ सकते हैं।
तो मान लो 2025 एक data है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि सब कुछ यहीं से शुरू हुआ। इसके पीछे भी काफी चीजें हुई है जो हमारे इतिहास का हिस्सा है। इन सभी चीजों को हम कालक्रम के माध्यम से ही समझ सकते हैं।
आज हम सभी मौर्य साम्राज्य(मौर्य वंश) के बारे में पढने वाले हैं क्या आपको पता है “मौर्य साम्राज्य प्राचीन भारत का पहला विशाल और संगठित साम्राज्य माना जाता है।” comptative exams की बात करें तो ये chapters बहुत ही महत्वपूर्ण है रेलवे, SSC, GD, CHSL, CGL जैसी परीक्षाओं में मौर्य काल से सीधे 3–5 प्रश्न … Read more
एक समय था जब सिंधु घाटी सभ्यता (लगभग 2500-1500 ईशा पूर्व) अपने चरम पर थी बड़े-बड़े शहर, पक्की सड़कें, सुनियोजित नालियां और एक विकसित नगर। लेकिन अचानक… इतनी उन्नत सभ्यता धीरे-धीरे गायब हो जाती है क्यों? क्या यह किसी भयानक बाढ़ का परिणाम था? या फिर किसी प्राकृतिक आपदा ने इसे खत्म कर दिया? इतिहास … Read more
सिंधु घाटी सभ्यता भारतीय इतिहास की सबसे विकसित प्राचीन सभ्यताओं में से एक थी। हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, धोलावीरा, लोथल जैसे प्रमुख स्थलों से नगर व्यवस्था, कृषि, व्यापार, लिपि और संस्कृति के अद्भुत प्रमाण मिलते हैं। यह लेख RRB NTPC, Group-D और अन्य परीक्षाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण तथ्य और बार-बार पूछे गए प्रश्न सरल भाषा में समझाता है।
आज हम बात करेंगे सांख्य दर्शन की। यह भारतीय दर्शन की सबसे पुरानी और सबसे तार्किक परंपराओं में से एक है। सांख्य दर्शन किन सवालों का जवाब देता है? सांख्य दर्शन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सब कुछ तर्क और विश्लेषण से समझाता है। इसमें न चमत्कार की ज़रूरत है, न आस्था … Read more
वैशेषिक दर्शन भारतीय षड्दर्शन का एक प्रमुख भाग है, जिसे कणाद ऋषि ने प्रतिपादित किया। यह दर्शन “परमाणुवाद” के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें कहा गया है कि पूरी सृष्टि सूक्ष्म और अविभाज्य परमाणुओं से बनी है। वैशेषिक दर्शन न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखता है बल्कि तर्क और यथार्थ पर आधारित विचार प्रस्तुत करता है। इस ब्लॉग में हमने इसके मूल सिद्धांत, कणाद ऋषि के विचार और आधुनिक विज्ञान से इसकी समानता को विस्तार से समझा है।