🕉️ भारतीय दर्शन का सम्पूर्ण वर्गीकरण (सभी शाखाओं सहित)

भारतीय दर्शन की परंपरा में षड्दर्शन यानी छह आस्तिक दर्शन – न्याय, वैशेषिक, सांख्य, योग, पूर्व मीमांसा और उत्तर मीमांसा (वेदांत) – का बहुत बड़ा योगदान रहा है। ये दर्शन हमें सत्य, आत्मा, प्रकृति और मोक्ष की गहराई से पहचान कराते हैं। इस ब्लॉग में हमने इन्हें सरल और मानवीय भाषा में समझाया है।

उपनिषद: अर्थ, दर्शन, महावाक्य और नैतिक मूल्य”

उपनिषदों में न केवल आध्यात्मिक ज्ञान है बल्कि सामाजिक और नैतिक जीवन के लिए भी गहरे संदेश छिपे हैं। सत्य, अहिंसा, करुणा और ब्रह्मचर्य जैसे सिद्धांत मानवता और सार्वभौमिकता की भावना को प्रकट करते हैं। आइए जानते हैं उपनिषदों में शिक्षा, गुरु-शिष्य परंपरा और नैतिक जीवन के आदर्शों के बारे में विस्तार से।

आदि शंकराचार्य और अद्वैत वेदांत: मठ, महावाक्य और दर्शन

आदि शंकराचार्य और अद्वैत वेदांत दर्शन का प्रतीक चित्र

इस ब्लॉग में हम आदि शंकराचार्य जी के जीवन, उनके अद्वैत वेदांत दर्शन, चार मठों की स्थापना और महावाक्यों के अर्थ को विस्तार से समझेंगे। जानिए कैसे शंकराचार्य जी ने भारत में एकता और आध्यात्मिक जागरण का संदेश दिया।