न्याय दर्शन – गौतम ऋषि का तर्क आधारित भारतीय दर्शन
न्याय दर्शन भारतीय दर्शन की एक प्रमुख शाखा है जिसकी रचना गौतम ऋषि ने की थी। इसमें प्रमाण, संदेह, प्रयोजन, दृष्टांत, तर्क, सिद्धांत जैसे 16 पदार्थों के माध्यम से सत्य तक पहुँचने का मार्ग बताया गया है। UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह दर्शन महत्वपूर्ण विषय है क्योंकि यह तर्क, विवेक और ज्ञान की वैज्ञानिक परंपरा को समझने में मदद करता है।