वेदों का विभाजन कब, क्यों और कैसे हुआ???

वेदों का विभाजन – ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद का प्रतीकात्मक चित्र

वेद हमारी संस्कृति की जड़ हैं, जो केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन, समाज और ज्ञान की धरोहर हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वेदों का विभाजन कब, क्यों और कैसे हुआ? महर्षि वेदव्यास ने द्वापर युग के अंत और कलियुग की शुरुआत में वेदों को चार भागों में विभाजित किया—ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद। इसका कारण था वेदों की विशालता, जटिल यज्ञ-विधियाँ और लोगों की घटती स्मरण शक्ति। इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि वेदों का संकलन कैसे हुआ, उनका मौखिक परंपरा से लिखित रूप तक का सफर कैसा रहा और इनका धार्मिक, सामाजिक तथा शैक्षिक महत्व क्या है।

वेदों की दुनिया: जानिए चारों वेदों का रहस्य और महत्व

चार वेदों का निर्माण और स्वरूप - ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद

चार वेदों का निर्माण और स्वरूप जानिए – ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद की शाखाएं, रचनाकाल, विषय-वस्तु और बचे हुए ग्रंथों की संपूर्ण जानकारी।

🕉️ वेद और वैदिक साहित्य – प्राचीन भारत का ज्ञानकोष

वेद और वैदिक साहित्य UPSC Notes in Hindi | चार वेद, ब्राह्मण, उपनिषद

नमस्कार दोस्तों, हमने अपने पुराने ब्लॉग्स में सिक्कों, शिलालेखों और ताम्रपत्र जैसे स्रोतों के बारे में पढ़ा था। आज हम पढने वाले हैं –वेद और वैदिक साहित्य के बारे में। अब जरा खुद सोचिए – अगर हम अपने प्राचीन समाज, संस्कृति और धर्म की गहराई को समझना हो तो, क्या सिर्फ पत्थरों पर लिखी बातें … Read more